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आईएफएफआई से पहले पत्रकारों के लिए ‘फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स’ संपन्न, चित्रपट साक्षरता को बढ़ावा


गोवा ( हर्षदा वेदपाठक ) : 56वें अंतर्राष्ट्रीय चित्रपट महोत्सव (आईएफएफआई) की शुरुआत से ठीक पहले, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) महाराष्ट्र एवं गोवा ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के सहयोग से मान्यता प्राप्त मीडिया प्रतिनिधियों के लिए विशेष ‘फिल्म एप्रिसिएशन कोर्स’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस एकदिवसीय कोर्स में देशभर से 67 पत्रकारों ने भाग लिया, जो चित्रपट माध्यम की गहन समझ विकसित करने और आईएफएफआई कवरेज को अधिक सूक्ष्म बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।


आईएफएफआई, जो 20 से 28 नवंबर तक गोवा में आयोजित हो रहा है, एशिया का प्रमुख चित्रपट महोत्सव है, जहां विश्व भर के चित्रपटों का प्रदर्शन होता है। इस महोत्सव में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, इस कोर्स का फोकस चित्रपटों को केवल मनोरंजन के रूप में न देखकर, उनके तकनीकी और कलात्मक आयामों के रूप में विश्लेषण करने पर था। एफटीआईआई के विशेषज्ञ प्रोफेसर इंद्रनील भट्टाचार्य और प्रोफेसर वैभव आबनावे ने प्रतिभागियों को एडिटिंग, साउंड डिजाइन तथा विजुअल डिजाइन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। विभिन्न चित्रपटों के दृश्यों के माध्यम से उन्होंने बताया कि चित्रपट दर्शन के दौरान संकलन (एडिटिंग), ध्वनि रचना (साउंड डिजाइन) तथा दृश्य रचना (विजुअल डिजाइन) पर कैसे ध्यान केंद्रित किया जाए।


प्रतिभागियों ने भी इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की, जिसमें चित्रपट समीक्षा लिखते समय कलाकारों की मुलाकात और चित्रपट के बारिक पक्षों का विश्लेषण शामिल था। एक प्रतिभागी ने कहा, “यह कोर्स चित्रपटों को अभ्यास के विषय के रूप में देखने की नई दृष्टि प्रदान करता है। इससे हमारी रिपोर्टिंग अधिक समृद्ध होगी।” कोर्स के समापन पर प्रमाणपत्र वितरण समारोह में पीआईबी के श्री प्रभात कुमार, श्री प्रकाश मगदूम तथा सुश्री स्मिता वत्स शर्मा ने भाग लेते हुए प्रतिभागियों को बधाई दी।


यह उपक्रम सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, पीआईबी, एफटीआईआई तथा आईएफएफआई के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। चित्रपट साक्षरता को बढ़ावा देने के इस प्रयास को मीडिया जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कोर्स पत्रकारों को चित्रपटों की सांस्कृतिक एवं तकनीकी गहराई समझने में सहायक सिद्ध होंगे, जिससे आईएफएफआई जैसे महोत्सवों की कवरेज वैश्विक स्तर की हो सकेगी।

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