56वें IFFI में रजनीकांत का सम्मान

गोवा ( पणजी ) हर्षदा वेदपाठक – 56 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने भारतीय सिनेमा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया, जब महान अभिनेता श्री रजनीकांत को फिल्म उद्योग में 50 वर्ष पूरे करने पर सम्मानित किया गया। थलाइवर के नाम से प्रसिद्ध, श्री रजनीकांत ने अपनी करिश्माई स्क्रीन उपस्थिति, विशिष्ट शैली और प्रतिष्ठित अभिनय से विभिन्न पीढ़ियों के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है।
समापन समारोह के एक भाग के रूप में आयोजित इस सम्मान समारोह में, न केवल तमिल फिल्मों में, बल्कि हिंदी, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में भी, भारतीय सिनेमा में श्री रजनीकांत के अपार योगदान को मान्यता दी गई। 170 से अधिक फिल्मों के साथ, इस सुपरस्टार ने लोकप्रिय संस्कृति पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है और पद्म भूषण (2000), पद्म विभूषण (2016) और दादा साहब फाल्के पुरस्कार (2020) सहित कई पुरस्कार अर्जित किए हैं।

गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत ने श्री रजनीकांत को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया। इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री संजय जाजू और अभिनेता श्री रणवीर सिंह भी उपस्थित थे।
सम्मान ग्रहण करते हुए, श्री रजनीकांत ने केंद्र सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर, 50 साल उन्हें 10 या 15 साल जैसे लगते हैं, क्योंकि उन्हें सिनेमा और अभिनय से प्यार है। सुपरस्टार ने कहा, “अगर 100 जन्म भी लेने पड़ें, तो भी मैं रजनीकांत के रूप में जन्म लेना चाहूँगा।”
इस समारोह के माध्यम से, IFFI 2025 एक ऐसे सांस्कृतिक प्रतीक को सम्मानित करता है जिसकी कलात्मकता भाषा और भूगोल से परे है और जिसने फिल्म निर्माताओं और दर्शकों, दोनों को प्रेरित किया है। स्वर्ण जयंती न केवल श्री रजनीकांत के लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय लोकप्रिय संस्कृति को आकार देने में सिनेमा की परिवर्तनकारी शक्ति का भी प्रमाण है।