द प्राइड ऑफ भारत : छत्रपति शिवाजी महाराज में भुमि सतीश पेडनेकर बेलवाड़ी मल्लम्मा का किरदार निभाएंगी
‘द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज’ की कास्ट लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी ऐतिहासिक फिल्मों में से एक और भी भव्य बनती जा रही है। प्रशंसित कलाकारों से लेकर दुनियाभर में पहचाने जाने वाले तकनीशियनों तक, फिल्म लगातार एक असाधारण टीम बना रही है।

इस ताकतवर कास्ट में अब अभिनेत्री भुमि सतीश पेडनेकर भी जुड़ गई हैं। हमें खास तौर पर पता चला है कि भुमि बेलवाड़ी मल्लम्मा का किरदार निभाएंगी — वो निडर योद्धा रानी जिन्हें उनके साहस और अडिग जज्बे के लिए याद किया जाता है। उनके जुड़ने से पहले से ही शानदार कास्ट और मजबूत हो गई है, जिसमें महान योद्धा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में ऋषभ शेट्टी लीड रोल में हैं। उनके साथ अर्जुन रामपाल, विवेक ओबेरॉय और कई नामी कलाकार भी हैं।
फिल्म से जुड़ने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए भुमि सतीश पेडनेकर ने कहा: “महान मराठा योद्धा-राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और विरासत पर बनने वाले इस पहले भारतीय सिनेमाई स्पेक्टेकल का हिस्सा बनकर मैं खुद को बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं। कर्नाटक की बहादुर योद्धा रानी बेलवाड़ी मल्लम्मा का किरदार निभाना और उन्हें पर्दे पर जीवंत करना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं ‘कांतारा’ की बहुत बड़ी फैन हूं, और ऋषभ शेट्टी के शानदार अभिनय ने मुझे पूरी तरह प्रभावित किया। इसलिए जब संदीप ने मुझे फिल्म सुनाई, तो एक्टर के तौर पर मैंने तुरंत हां कह दिया। ये मेरे करियर में अब तक का सबसे अलग काम है, और मेकर्स का शुक्रिया कि उन्होंने मुझे एक बिल्कुल नए रूप में देखा।”
संदीप सिंह द्वारा निर्देशित और निर्मित ‘द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज’ को बहुत बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है और इसे महान मराठा योद्धा राजा के जीवन पर बनने वाले सबसे बड़े सिनेमाई स्पेक्टेकल में से एक के रूप में देखा जा रहा है।
दो भागों में बनने वाली इस फिल्म की कहानी ऋषि वीरमानी ने लिखी है। संगीत अमित त्रिवेदी का है और गीत नेशनल अवॉर्ड विजेता गीतकार प्रसून जोशी के हैं। प्रशंसित कलाकारों और दुनियाभर में जाने-माने तकनीशियनों की लगातार बढ़ती टीम के साथ ये मेगा फिल्म इसी साल फ्लोर पर जाने वाली है। इसकी प्री-प्रोडक्शन का काम बड़े पैमाने पर पहले से ही चल रहा है ताकि इस ऐतिहासिक विजन को हकीकत में उतारा जा सके।
