म्युजिक

हॉन्टेड 3डी : इकोज़ ऑफ द पास्ट के संगीत को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं प्रतीक वालिया

संगीतकार और गायक प्रतीक वालिया इन दिनों विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी: इकोज़ ऑफ द पास्ट’ के संगीत को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। फिल्म के छह गीतों का संगीत उन्होंने तैयार किया है। इसके साथ ही उन्होंने ‘आशिकी में’ गीत को अपनी आवाज़ भी दी है और दो गीतों के बोल भी लिखे हैं। अपने अलग अंदाज़ और भावनाओं से भरपूर धुनों के ज़रिए प्रतीक ने फिल्म की कहानी और उसके माहौल को संगीत के माध्यम से और भी खास बना दिया है।

फिल्म के गीतों में प्यार, दर्द, रहस्य और अलग-अलग भावनाओं का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है। ‘जनमो जनम’ में मोहित चौहान की आवाज़ दिल को छू जाती है, वहीं ‘राज़ है’ में पलक मुच्छल ने अपने सुरों से फिल्म के रहस्य को और गहरा बनाया है। ‘नज़रें तू मिला’, ‘लौटा दो’, ‘नज़रें तू मिला 2.0’ और ‘जनमो जनम जेन-ज़ेड मिक्स’ भी अपने अलग अंदाज़ से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। वहीं ‘आशिकी में’ प्रतीक वालिया के दिल के सबसे करीब है। इस गीत को उन्होंने खुद तैयार किया, संगीत दिया और अपनी आवाज़ भी दी। यही वह पहला गीत था जिसे विक्रम भट्ट ने उनकी आवाज़ में सुनने के बाद अपनी फिल्म के लिए चुना। इसी गीत से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई और आगे चलकर उन्हें फिल्म के बाकी गीतों पर भी काम करने का मौका मिला।

अपने इस सफर को याद करते हुए प्रतीक वालिया कहते हैं, “विक्रम सर के साथ काम करने का मौका मिलना मेरे लिए किसी सपने के पूरे होने जैसा है। मेरी उनसे पहली मुलाकात कोरोना के समय इंस्टाग्राम लाइव के दौरान हुई थी। मैंने उनसे अपना एक ओरिजिनल गीत सुनाने की गुज़ारिश की और उन्होंने मुझे मौका दिया। उन्हें वह गीत पसंद आया और वहीं से हमारी पहचान शुरू हुई। बाद में जब मैं मुंबई आया, तो एक दिन उन्होंने मुझे अपने दफ्तर के बाहर देखा और तुरंत पहचान लिया। इसके बाद कई बार मुलाकात हुई, संगीत पर बातचीत हुई और आखिरकार ‘आशिकी में’ मेरी पहली फिल्म का गीत बना। इस एक गीत ने मेरी ज़िंदगी बदल दी। इसके बाद मुझे विक्रम सर के साथ कई और गीतों पर काम करने और एक संगीतकार के रूप में खुद को साबित करने का मौका मिला।”

फिल्म के लिए संगीत तैयार करने के अनुभव पर प्रतीक कहते हैं, “मुझे उन गायकों के साथ काम करने का मौका मिला, जिनके गीत सुनते हुए मैं बड़ा हुआ हूं। मोहित चौहान और पलक मुच्छल के साथ काम करना हमेशा याद रहेगा। वहीं नए कलाकारों के साथ काम करके भी बहुत कुछ सीखने और नया करने का मौका मिला। इस फिल्म का हर गीत मेरे लिए खास है क्योंकि हर गीत के साथ एक अलग एहसास जुड़ा हुआ है। हॉरर फिल्म के लिए संगीत बनाना आसान नहीं था, लेकिन यही चुनौती मेरे लिए सबसे ज़्यादा रोमांचक भी रही। मैं उन सभी लोगों का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मेरे संगीत पर भरोसा किया। पिछले कुछ सालों में जो भी मौके मिले, उन्होंने मेरे सफर को नई दिशा दी है और इसके लिए मैं भगवान का भी आभारी हूं।”

फिल्मों में आने से पहले प्रतीक वालिया स्वतंत्र संगीत और कवर गीतों के ज़रिए अपनी पहचान बना चुके थे। उनका एक एकॉस्टिक कवर देश के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले संगीत वीडियो में शामिल हुआ था। इसके बाद उन्होंने कई अपने गीत तैयार किए और धीरे-धीरे एक संगीतकार और गायक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘ब्लडी इश्क’ और ‘तुमको मेरी कसम’ जैसी फिल्मों में काम करने के बाद ‘हॉन्टेड 3डी: इकोज़ ऑफ द पास्ट’ उनके करियर का एक बड़ा पड़ाव साबित हुई। इसी के साथ उन्होंने गुजराती फिल्म ‘बधु ऑलराइट छे’ का शीर्षक गीत भी तैयार किया, जो उनके बढ़ते संगीत सफर की एक और बड़ी उपलब्धि है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button