म्युजिक

सुर शब्द और शख्सियत : साबरी ब्रदर्स की महफिल में गूंजे रूहानी नगमे, श्रोताओं ने लिया लाइव शो का भरपूर आनंद

संगीत और कला प्रेमियों के लिए बीती शाम बेहद खास रही, जब ट्रायो सेट ऑफ थ्री आर्ट्स ने पब्लिक की भारी डिमांड पर एक बार फिर द साबरी ब्रदर्स की खास लाइव परफॉर्मेंस पेश की। “सुर, शब्द और शख्सियत” नाम से आयोजित इस खास सांस्कृतिक शाम में कव्वाली की समृद्ध और रूहानी परंपरा का शानदार जश्न देखने को मिला। साबरी ब्रदर्स की दमदार आवाज़ और सूफियाना अंदाज़ ने पूरे माहौल को सुरों और रूहानी एहसास से भर दिया। पब्लिक डिमांड पर ट्रायो सेट ऑफ थ्री आर्ट्स ने फिर पेश की द साबरी ब्रदर्स की खास लाइव परफॉर्मेंस, फिल्म और संगीत जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने की शिरकत ।

शाम की शुरुआत से ही दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जैसे-जैसे साबरी ब्रदर्स ने अपनी प्रस्तुति आगे बढ़ाई, हॉल में मौजूद दर्शक उनकी गायकी में पूरी तरह डूबते नजर आए। पब्लिक की फरमाइश पर कलाकारों ने एक के बाद एक कई लोकप्रिय और सदाबहार कव्वालियां पेश कीं, जिनमें “अल्लाह हू… अल्लाह हू…”, “भर दो झोली मेरी या मुहम्मद…” और “ताज्जुब तो यह है…” जैसी प्रस्तुतियों ने खासा असर छोड़ा।

दर्शकों की प्रतिक्रिया इस शाम की सबसे खास बात रही। युवा पीढ़ी से लेकर संगीत के अनुभवी रसिकों तक, हर कोई साबरी ब्रदर्स की गायकी, ताल और शब्दों की गहराई से जुड़ता नजर आया। कई मौकों पर दर्शकों ने अपनी पसंदीदा कव्वालियां सुनाने की फरमाइश की, जिसे कलाकारों ने पूरे जोश और जुनून के साथ पूरा किया।

इस खास शाम को फिल्म और संगीत जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भी अपनी मौजूदगी से यादगार बनाया। असलम लश्करिया और उनके बेटे वसीम लश्करिया, डब्बू मलिक, एहसान कुरैशी, सुनील दर्शन, राजीव वालिया, दिलीप सेन, सोहेल सेन, रहमान नौशाद, महबूब, आतिश कपाड़िया, कंवलजीत सिंह, मालती जोशी, अश्विन कौशल, रोहन कपूर, कुमार, इम्तियाज़ जलील, शिखा वोहरा बिस्वास, अंदलीब सुल्तानपुरी, हाफिज़ बेग, बाबा चौधरी, वसीम आर. खान, मेराज हैदर, जाविंदर सिंह, कुमार गुरु मिश्रा, लिलिपुट फारूकी, अवतार गिल, आनंद राज आनंद, महालक्ष्मी अय्यर, शाहिद रफ़ी, संदेश नाइक, शंकर सचदेवा, चंदास दास, नादिरा बब्बर, नीरज कुमार मिश्रा, कुलदीप सिंह मल्होत्रा सहित कई दिग्गज इस खास शाम का हिस्सा बने।

ट्रायो सेट ऑफ थ्री आर्ट्स की एमडी शीबा लतीफ ने कहा, “हमारे लिए यह बेहद खुशी और गर्व की बात है कि पब्लिक की इतनी शानदार प्रतिक्रिया के बाद हम एक बार फिर साबरी ब्रदर्स को मुंबई के दर्शकों के सामने लेकर आए। ‘सुर, शब्द और शख्सियत’ सिर्फ एक म्यूजिकल ईवनिंग नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संगीत और सांस्कृतिक विरासत को सेलिब्रेट करने की एक कोशिश है। जब दर्शक अपनी पसंद की कव्वालियां सुनने की फरमाइश करते हैं और कलाकारों के साथ उसी एहसास में जुड़ जाते हैं, तो वह पल हमारे लिए सबसे खास होता है। साबरी ब्रदर्स की रूहानी गायकी ने इस शाम को सच में यादगार बना दिया।”

वहीं ट्रायो सेट ऑफ थ्री आर्ट्स के चेयरमैन अल्तमाश अब्बास की मौजूदगी ने भी इस खास शाम की रौनक बढ़ाई। साबरी ब्रदर्स ने अपनी बेमिसाल गायकी, सूफियाना अंदाज़ और सादगी भरी प्रस्तुति से एक बार फिर साबित किया कि असली और रूहानी संगीत की अपनी एक अलग ताकत होती है। “सुर, शब्द और शख्सियत” की यह शाम संगीत प्रेमियों के लिए लंबे समय तक यादगार रहने वाली है।

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