ट्रेलर और दिल को छू लेने वाले म्यूज़िक से दिल जीतने के बाद, ‘मुसाफिर कैफे’ ने अपना सबसे इमोशनल ट्रैक ‘दरमियां’ किया रिलीज़
अपने आकर्षक ट्रेलर और गानों की सफल रिलीज़ के साथ जबरदस्त उत्साह पैदा करने के बाद, मुसाफिर कैफे अब “दरमियां” के लॉन्च के साथ अपनी इमोशनल कहानी को और गहरा कर रहा है। ये एक रूह को छू लेने वाला गाना है जो एक अधूरी प्रेम कहानी के खूबसूरती और दर्द दोनों का जश्न मनाता है।

‘दरमियां’ हर उस प्यार को समर्पित है जो अधूरा रह गया, हर वो बातचीत जो बीच में ही रह गई, और हर वो वादा जो कभी अपने मुकाम तक नहीं पहुंच पाया। “क्या होता अगर” के एहसास के इर्द-गिर्द बुने गए इस गाने में दो दिलों के बीच की खामोश दूरी को दिखाया गया है। ये सुनने वालों को याद दिलाता है कि कुछ प्रेम कहानियां भले खत्म हो जाएं, लेकिन उनके एहसास हमेशा हमारे साथ रहते हैं।
राघव कौशिक द्वारा कंपोज़ किया गया और अमृता सलूजा द्वारा लिखे गए दिल को छू लेने वाले बोलों वाला ‘दरमियां’ रेखा भारद्वाज और राघव कौशिक की सोलफुल आवाज़ों से सजाया गया है। गाने की समृद्ध म्यूज़िकल अरेंजमेंट को मयंक रैना की बांसुरी, भूषण चिटनिस के गिटार और अभिरुचि सिंह, शुद्धि रमानी और उदित खट्टर के खूबसूरत बैकिंग वोकल्स ने और खास बना दिया है। नकुल चुघ द्वारा प्रोड्यूस और अभिषेक घटक द्वारा मिक्स और मास्टर किए गए इस ट्रैक में मुसाफिर कैफे की इमोशनल आत्मा साफ झलकती है। ये गाना तड़प और टूटे दिल को एक यादगार म्यूज़िकल अनुभव में बदल देता है।
अपनी भावनात्मक धुन और सार्वभौमिक एहसास के साथ, ‘दरमियां’ हर ‘लगभग’ प्यार, हर छूटे हुए मौके और हर उस प्रेम कहानी का साउंडट्रैक बनने वाला है जिसे अंत नहीं मिल पाया।
मुसाफिर कैफे 24 जुलाई को सिर्फ Netflix पर प्रीमियर होगा।