पिछले दो वर्षों में अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने के लिए 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद किए गए
पिछले दो वर्षों में अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनों के उल्लंघन के लिए 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद किए गए।
सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया, आचार संहिता) नियम, 2021 को 25.02.2021 को अधिसूचित किया है, ताकि डिजिटल मीडिया पर समसामयिक मामलों के प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड सामग्री (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों के लिए एक संस्थागत तंत्र स्थापित किया जा सके।

नियमों के भाग-III में डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों के लिए आचार संहिता का प्रावधान है। शिकायतों का निपटारा आईटी नियम, 2021 के प्रावधानों के तहत किया जाएगा।
आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(बी) में अवैध सामग्री तक पहुंच को हटाने/अक्षम करने के लिए मध्यस्थों को अधिसूचना देने का प्रावधान है।
शिकायतों के आधार पर, सरकार नियमित रूप से ऐसे मध्यस्थों और ओटीटी प्लेटफॉर्मों के खिलाफ कार्रवाई करती है। पिछले दो वर्षों में, सरकार ने भारत में अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 और 67ए, बीएनएस की धारा 294 और महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 का उल्लंघन करने के लिए 50 ओटीटी प्लेटफॉर्मों को सार्वजनिक पहुंच से प्रतिबंधित कर दिया है।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने आज लोकसभा में श्री राजभाऊ पराग प्रकाश वाजे द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।