कार्तिक सुब्बाराज की ‘डोरोथी’ का टाइटल अनाउंसमेंट जारी, TIFF में ऐतिहासिक प्रीमियर से पहले बढ़ाया एक्साइटमेंट
जियो स्टूडियोज़ और सिख्या एंटरटेनमेंट ने लेखक-निर्देशक कार्तिक सुब्बाराज की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डोरोथी’ का टाइटल अनाउंसमेंट जारी कर दिया है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2026 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में होने जा रहा है, जिसके बाद यह 25 सितंबर को पूरे भारत के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

कार्तिक सुब्बाराज के निर्देशन में बनी यह उनकी 10वीं फीचर फिल्म है, जिसका वर्ल्ड प्रीमियर TIFF 2026 के प्रतिष्ठित सेंटरपीस सेक्शन में होगा। तमिल भाषा में बनी इस फिल्म का ओरिजिनल म्यूज़िक दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने अपने करियर की 1540वीं फिल्म के लिए तैयार किया है। जियो स्टूडियोज़ और सिख्या एंटरटेनमेंट द्वारा समर्थित ‘डोरोथी’ TIFF के उस इंटरनेशनल प्रोग्राम का हिस्सा बनी है, जिसे पहले कॉन्टेम्पररी वर्ल्ड सिनेमा के नाम से जाना जाता था और जहां दुनियाभर के चर्चित फिल्ममेकर्स और बहुप्रतीक्षित फिल्मों का प्रदर्शन होता है।
फेस्टिवल प्रीमियर से पहले मेकर्स ने ‘डोरोथी’ का टाइटल अनाउंसमेंट पोस्टर भी रिलीज़ किया है। भारतीय हाईवे ट्रक आर्ट की रंगीन लेकिन धीरे-धीरे खोती जा रही परंपरा से प्रेरित यह पोस्टर सड़क की रूह को दर्शाता है और फिल्म की भावनात्मक यात्रा की एक झलक भी देता है।
ज्योति देशपांडे, गुनीत मोंगा कपूर और अचिन जैन द्वारा धम्मम फिल्म्स के सहयोग से निर्मित ‘डोरोथी’ में सनंथ, ऋषिकांत और कीर्ति सुरेश अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 25 सितंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
लेखक-निर्देशक कार्तिक सुब्बाराज ने कहा,
“डोरोथी एक ऐसी कहानी है, जिसे मैं लंबे समय से अपने साथ लेकर चल रहा था। यह उस दुनिया से निकली है जिसे मैं बेहद करीब से जानता हूं, जहां दोस्ती एक पनाह बन जाती है, प्यार खामोशी में भी जिंदा रहता है और सबसे कठिन परिस्थितियों में भी इंसानियत की गर्माहट महसूस होती है। इस फिल्म के जरिए मैं पहचान, जाति, मर्दानगी और करुणा जैसे विषयों को बड़े तमाशे के जरिए नहीं, बल्कि बेहद मानवीय किरदारों के माध्यम से दिखाना चाहता था। इसकी जड़ें तमिलनाडु की संस्कृति और मिट्टी में हैं, लेकिन इसकी भावनाएं हर इंसान से जुड़ती हैं। हमें गर्व है कि इसकी यात्रा TIFF जैसे वैश्विक मंच से शुरू हो रही है।”
जियो स्टूडियोज़ की प्रेसिडेंट ज्योति देशपांडे ने कहा,
“सबसे असरदार कहानियां वही होती हैं जो अपनी मिट्टी से जुड़ी हों, लेकिन पूरी दुनिया के दिलों तक पहुंचें। तकनीक से बदलती दुनिया में भी इंसानी भावनाएं हमेशा अमर रहती हैं और ‘डोरोथी’ इसका खूबसूरत उदाहरण है। कार्तिक सुब्बाराज ने एक बेहद भावुक और प्रभावशाली फिल्म बनाई है, जिसे इलैयाराजा का शानदार संगीत और कलाकारों की यादगार परफॉर्मेंस और भी खास बनाती है। हमें बेहद खुशी है कि इसकी शुरुआत TIFF जैसे प्रतिष्ठित मंच से हो रही है और उम्मीद है कि वहां इसकी कला, दिल और हिम्मत को दुनिया भर में सराहा जाएगा।”
सिख्या एंटरटेनमेंट के निर्माता गुनीत मोंगा कपूर और अचिन जैन ने कहा,
“डोरोथी हमें याद दिलाती है कि इंसानियत और संवेदनशीलता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। कार्तिक सुब्बाराज की कहानी कहने की सबसे खास बात यह है कि वह वहां भी उम्मीद और मानवीय भावनाएं खोज लेते हैं, जहां उनकी सबसे कम उम्मीद होती है। यही इस फिल्म को खास बनाता है। इसमें एक फेस्टिवल फिल्म की गहराई है और कमर्शियल सिनेमा का दिल भी। हमें उम्मीद है कि TIFF में इसका वर्ल्ड प्रीमियर एक ऐसी यात्रा की शुरुआत होगी, जो दुनियाभर के दर्शकों को जोड़ देगी।”
कार्तिक सुब्बाराज के बारे में
कार्तिक सुब्बाराज भारतीय सिनेमा के उन चर्चित फिल्मकारों में शामिल हैं, जो अपनी अलग और प्रयोगधर्मी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। ‘पिज़्ज़ा’ (2012) से उन्होंने खास पहचान बनाई, जिसके बाद ‘जिगरठंडा’ (2014), ‘इरैवी’ (2016) और ‘मरकरी’ (2018) जैसी फिल्मों ने उन्हें समीक्षकों का पसंदीदा निर्देशक बना दिया। उन्होंने सुपरस्टार रजनीकांत के साथ ‘पेट्टा’ (2019) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी, जबकि ‘महान’ (2022) और ‘जिगरठंडा डबल एक्स’ (2023) को कल्ट फिल्मों का दर्जा मिला। अपनी अनोखी स्टाइल और दमदार कहानी कहने की कला की वजह से उन्हें अक्सर “भारत का टैरेंटीनो” भी कहा जाता है।
जियो स्टूडियोज़ के बारे में
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की कंटेंट शाखा जियो स्टूडियोज़ भारत के अग्रणी एंटरटेनमेंट स्टूडियोज़ में से एक है। स्टूडियो ने ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज़ी जैसी कई रिकॉर्डतोड़ ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, जिन्होंने दुनिया भर में 3000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया। लगातार तीन वर्षों तक सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों ‘स्त्री 2’ (2024), ‘धुरंधर’ (2025) और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (2026) का निर्माण भी जियो स्टूडियोज़ ने किया। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में स्टूडियो ने चार सम्मान अपने नाम किए, जिनमें सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार भी शामिल है। 200 से अधिक फिल्मों और सीरीज़ का निर्माण कर चुका जियो स्टूडियोज़ अपने विज़न “मेक इन इंडिया, शो द वर्ल्ड” के तहत भारतीय कहानियों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचा रहा है।
सिख्या एंटरटेनमेंट के बारे में
सिख्या एंटरटेनमेंट एक ऑस्कर विजेता प्रोडक्शन हाउस है, जो वास्तविक और असरदार कहानियां दुनिया के सामने लाने के लिए जाना जाता है। इसकी चर्चित फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में ‘द एलिफेंट व्हिस्परर्स’, ‘किल’, ‘द लंचबॉक्स’, ‘मसान’, ‘पग्गलैट’, ‘व्हाट विल पीपल से’ और ऑस्कर विजेता डॉक्यूमेंट्री ‘पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस.’ शामिल हैं। हाल के वर्षों में ‘कथल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री’, ‘सूररई पोट्रू’, ‘ग्यारह ग्यारह’, ‘यो यो हनी सिंह: फेमस’ और ‘गुटर गू’ जैसी सफल परियोजनाओं के जरिए सिख्या ने अपनी अलग पहचान बनाई है। कान्स और TIFF जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका यह बैनर फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री, वेब सीरीज़ और पॉडकास्ट के जरिए दक्षिण एशियाई कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचा रहा है। ‘डोरोथी’ चार साल बाद तमिल सिनेमा में सिख्या एंटरटेनमेंट की वापसी का प्रतीक भी है।