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सुमन कल्याणपुर अब नहीं रही

दिग्गज पार्श्व गायिका _सुमन कल्याणपुर_ का 31 मई, 2026 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली और हिंदी, मराठी और कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में हजारों प्रतिष्ठित गानों की समृद्ध विरासत छोड़ गईं। अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने दिग्गज कलाकारों के साथ गाया और मोहम्मद रफी के साथ 140 से अधिक कालजयी युगल गीत रिकॉर्ड किए।

उनके कुछ सबसे यादगार वाक्यांशों में “आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे,” “ना ना करते प्यार,” और “जिंदगी इम्तिहान लिखी है” शामिल हैं। भारतीय संगीत में उनके अपार योगदान को देखते हुए, भारत सरकार ने 2023 में उन्हें प्रतिष्ठित पद्म रत्नों से सम्मानित किया था।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरिष्ठ पार्श्वगायिका सुमन कल्याणपुर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की :

भारतीय संगीत क्षेत्र की दिव्य और सुरीली ‘सुमन’ का स्वर आज शांत हो गया, ऐसी शोक-संवेदना व्यक्त कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरिष्ठ पार्श्वगायिका सुमन कल्याणपुर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।

अपने शोक-संदेश में मुख्यमंत्री कहते हैं, सुमन जी ने प्रारंभ में चित्रकला की भी शिक्षा ली थी। लेकिन वे रम गईं सुरों की दुनिया में। आगे उन्होंने रसिकों के मन पर अपनी मधुर और शास्त्रीय आवाज़ से छह दशकों से अधिक समय तक राज किया। उनके सुरों से 50 और 60 का दशक सुरीले संगीत से भर गया था। केवल मराठी ही नहीं, बल्कि हिंदी, बंगाली, ओडिया जैसी विभिन्न भाषाओं में भी उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी। उस समय के अविभाजित भारत के ढाका में जन्म और बाद में मुंबई में स्थायिक हुईं सुमन कल्याणपुर को ‘पद्म भूषण’ इस नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया था।

सुमन कल्याणपुर ने भावगीत, भक्तिगीत और पार्श्वगायन से भारतीय संगीत क्षेत्र को समृद्ध किया। उनका यह अमूल्य योगदान सदैव स्मरण में रहेगा। उनके जादुई स्वरों से अमर हुए गीत हमेशा हमारे साथ रहेंगे। लेकिन नाम के अनुरूप सुस्वभावी सुमन जी हमारे बीच नहीं रहेंगी, यह दुख रहेगा। उनके निधन से हमने एक दिव्य स्वर और एक कलासक्त साधक को खो दिया है। यह कला क्षेत्र की बड़ी क्षति है, ऐसा उल्लेख कर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरिष्ठ पार्श्वगायिका सुमन कल्याणपुर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। कल्याणपुर परिवार और असंख्य प्रशंसकों के दुख में शामिल होने की बात भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी शोक-संवेदनाएं व्यक्त की :

अपनी अटूट मिठास भरे सुरों से भारतीय संगीत क्षेत्र पर राज करने वाली वरिष्ठ गायिका पद्मभूषण सुमन कल्याणपुर के निधन से संगीत का ‘सुमन’ मुरझा गया है और उनके निधन से भारतीय संगीत क्षेत्र की बड़ी क्षति हुई है, इन शब्दों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी शोक-संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

उपमुख्यमंत्री ने अपने शोक-संदेश में सुमन कल्याणपुर की संगीतमय यात्रा और उनके अमूल्य योगदान का गौरव किया। उन्होंने कहा, सुमन कल्याणपुर केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि वे भारतीय सुगम और फिल्म संगीत का एक स्वर्णिम युग थीं। अत्यंत भावपूर्ण और मधुर आवाज़ के बल पर उन्होंने मराठी, हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं में हजारों गीतों को अमर कर दिया। उनकी आवाज़ की सात्त्विकता और भाव सीधे रसिकों के मन को छू जाते थे।

शोक-संदेश में उपमुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कहा है कि ‘शब्दावाचून कळले सारे’, ‘तूच सुखाचा सागर’, ‘केतकीच्या बनी तिथे’, ‘पाखरा जा रे जा’ जैसे कई भावगीत और फिल्मी गीत आज भी रसिकों की जुबां पर हैं। उनके गाए भक्तिगीत और कोळीगीत आज भी उतने ही ताज़ा लगते हैं। संगीत की कोई औपचारिक विरासत साथ न होते हुए भी उन्होंने केवल अपनी प्रतिभा और साधना से संगीत जगत में अपना अटल स्थान बनाया, ऐसा उन्होंने कहा।

केंद्र सरकार ने उन्हें ‘पद्म भूषण’ इस सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित कर उनके अद्वितीय कार्य का गौरव किया था। उनकी सांगीतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगी, इन शब्दों में उपमुख्यमंत्री श्री शिंदे ने श्रद्धांजलि अर्पित की है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सुमन कल्याणपुर के निधन से संगीत का एक स्वर्णिम युग समाप्त हुआ कहकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की :

वरिष्ठ गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन से संगीत जगत का एक देदीप्यमान स्वर्णिम युग समाप्त हो गया है, इन शब्दों में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने अपनी शोक-संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार अपने शोक-संदेश में कहती हैं कि, सुरों के माध्यम से भावनाएं व्यक्त करने की विलक्षण ताकत से संपन्न एक अमूल्य आवाज़ आज काल के पर्दे के पीछे चली गई है। मराठी भावगीत, भक्तिगीत, बालगीत के साथ-साथ हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया में सुमन ताई ने अपनी अमर छाप छोड़ी। उनकी सुरीली और मंत्रमुग्ध कर देने वाली आवाज़ ने कई पीढ़ियों के भाव-जगत को समृद्ध किया और दुनियाभर के संगीतप्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए अपना स्थान बनाया। सादगी, विनम्रता और संगीत के प्रति निष्ठा ही उनके व्यक्तित्व की असली पहचान थी। उनके जाने से उनके परिवार और असंख्य प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति मिले, ऐसी प्रार्थना करते हुए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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